विकासनगर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी दौरे के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धीकरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सोमवार को पछुवादून में फूट पड़ा। बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने पछुवादून, जौनसार में कोतवाली का घेराव कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कथित शुद्धीकरण की घटना को जातिगत भेदभाव की मानसिकता बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विकासनगर में कोतवाली का घेराव के दौरान पूर्व मंत्री नवप्रभात ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके साथ भेदभाव करना या उसके कार्यक्रम के बाद किसी स्थान का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेसियों ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने के साथ ही सामाजिक समरसता को भी चोट पहुंचाती हैं। कालसी, चकराता में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि खरगे देश के वरिष्ठ राजनीतिक नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धीकरण की घटना ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता लोकतांत्रिक और समतामूलक समाज के लिए ठीक नहीं है। सेलाकुई में कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने कहा कि यदि मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सड़क से लेकर हर स्तर तक आवाज उठाएगी। घेराव करने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर महेंद्रू, शहर अध्यक्ष विकास शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय जैन, प्रदेश सचिव शम्मी प्रकाश, अतुल शर्मा, सहसपुर ब्लॉक अध्यक्ष अमित पंवार, चकराता ब्लॉक अध्यक्ष अमर सिंह चौहान, आमोद वर्मा, कमल रावत, पूर्व कैंटोनमेंट बोर्ड अध्यक्ष चंदन रावत, दिनेश चांदना, अभिनव अरोड़ा, भाव सिंह रावत, रजनीश पंवार, राजकुमार, शमशेर सिंह रावत, तिलक सिंह आदि शामिल रहे।
कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमे की मांग: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में लिखित तहरीर देकर गिरीश पांडे समेत 15 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित घटना की वास्तविकता सामने लाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।


