देहरादून। कुमाऊं रेजीमेंट की चौथी बटालियन के पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पूर्व सैनिकों ने देहरादून स्थित चीड़बाग के निकट शौर्य स्थल में भारतीय सेना के प्रथम परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा 4 कुमाऊं के वीर सपूत और भारतीय सेना के प्रथम परमवीर चक्र विजेता थे। वर्ष 1947 में कश्मीर के बड़गाम में उन्होंने अदम्य साहस और नेतृत्व का परिचय देते हुए देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके असाधारण शौर्य के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि शौर्य स्थल में मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा स्थापित होने से उनके बलिदान और वीरता को स्थायी सम्मान मिलेगा। साथ ही यह प्रतिमा युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, सैन्य सेवा और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देगी। संगठन ने प्रस्ताव रखा कि प्रतिमा का अनावरण तीन नवंबर को किया जाए, ताकि यह अवसर मेजर सोमनाथ शर्मा को परमवीर चक्र से सम्मानित किए जाने की स्मृति से भी जुड़ सके।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि 4 कुमाऊं की पलटन, नैनी क्षेत्र, कुमाऊं रेजीमेंट से जुड़े गौरवशाली परिवारों और देहरादूनवासियों के सहयोग से प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया जा सकता है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा के शौर्य और बलिदान के सम्मान में प्राप्त प्रस्ताव पर उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके सम्मान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व सैनिक सूबेदार महिपाल सिंह देवपा, सुरेश राठौर, हरिपाल सिंह कार्की, गोविंद सिंह खरकवाल आदि शामिल रहे।


