देहरादून। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चकराता, मेहरावना और कालसी के छात्र-छात्राओं को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के भ्रमण का गौरवपूर्ण अवसर मिला। तीन दिवसीय इस विशेष शैक्षणिक भ्रमण में तीनों विद्यालयों से पांच-पांच छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
28 से 30 अगस्त तक आयोजित इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट की। राष्ट्रपति से हुई आत्मीय मुलाकात विद्यार्थियों के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव बन गई। इस दौरान राष्ट्रपति से संवाद ने छात्र-छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत किया।
पाठ्यपुस्तकों से आगे मिला प्रत्यक्ष ज्ञान
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नई दिल्ली के विभिन्न ऐतिहासिक, शैक्षणिक एवं ज्ञानवर्धक स्थलों का भी अवलोकन किया। विद्यार्थियों को देश के इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। इस यात्रा ने उनके ज्ञान के दायरे को कक्षा-कक्ष और पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़ाया।
छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का विशेष अनुभव बताया। विद्यार्थियों के लिए यह यात्रा केवल मनोरंजन या भ्रमण तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें देश की संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय संस्थानों को करीब से जानने का अवसर भी मिला।
जिला जनजाति कल्याण अधिकारी, देहरादून ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति भवन की यात्रा तथा राष्ट्रपति से भेंट विद्यार्थियों के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों से परिचित कराने से उनमें नई संभावनाओं और बड़े लक्ष्यों के प्रति दृष्टिकोण विकसित होता है। यह अनुभव भविष्य में उन्हें शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।


